जीवन में भर लो रंग सच्चे दोस्तों के संग।
जीवन में भर लो रंग सच्चे दोस्तों के संग!! जितने सच्चे और गहरे हमारे दोस्त हैं! जीवन में उतना ही खुशियों का रंग भरा रहता है! जब यह शब्द मित्र! हमारे सामने आता है, तो हमें एक गहरे अपनेपन और साथ ही साथ एक सुरक्षा का भी एहसास होने लगता है। व्यक्ति के घर से बाहर निकलने पर उसकी पहली आवश्यकता उसके अपने मित्र ही होते हैं। जिनके साथ वह हर अच्छे बुरे पलों को व्यतीत करता है।हमारे भीतर से हमारा मन भी फोरन कह देता है, कोई भी दिक्कत आ रही है, तो क्या हुआ अपने दोस्त हैं न! दिल में हमेशा एहसास रहता है, कि दोस्त खड़े हैं! यह मुश्किल क्या करेगी ? अपने दोस्त के बारे में हमारी सोच कहती है कि उसके पास या मेरे पास कितना पैसा है, इस बात का ख्याल तो हम कभी करते ही नहीं, हम तो बस एक ही बात जानते हैं कि हम जो भी हैं जितना भर भी है और कैसी भी परिस्थिति हो दोनों एक साथ खड़े हो जाते हैं! और एक दूसरे के काम आते हैं, और हमेशा आएंगे। नित्य शाम को या जब भी...