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साकार और निराकार परमात्मा का ज्ञान!

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  ईश्वर साकार है या निराकार? इस प्रश्न के बारे में बड़े-बड़े संतों और ज्ञानियों की राय थोड़ी अलग-अलग है। कुछ ज्ञानी जन ईश्वर को साकार मानते हैं! और कुछ ज्ञानी जन उसे निराकार मानते हैं! कुछ ज्ञानी जन ऐसे भी हैं जो ईश्वर के साकार और निराकार दोनों ही रूपों में विश्वास करते हैं! उनका मानना है कि इस संसार की रचना करने के लिए निराकार परमात्मा ही साकार रूप धारण करते हैं! और अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए, वह अनेकों नामों से साकार रूप धारण करके, अवतार धारण करते हैं! अपने परम रूप में, वह एक निराकार शक्ति हैं। बड़े-बड़े ज्ञानी और महाज्ञानी भी इस पर एकमत नहीं हैं! सब के विचार थोड़े अलग-अलग हैं। साकार क्या है? और निराकार क्या है?...अब हम कुछ विचार करते हैं, कि साकार क्या है? और निराकार क्या है? साकार जिसका आकार है ! निराकार जिसका कोई आकार नहीं है! लेकिन यह जो आकार है, वह है किसका? वह निराकार का ही तो है! जैसे मिट्टी का दिया, मिट्टी का घड़ा! यह दोनों किसके आकार हैं? इसका उत्तर है कि यह दोनों मिट्टी केआकार हैं! यनि यह दोनों मिट्टी के बड़े निराकार ढेर के एक छोटे से अंश से बने हैं ! यनि उस ढेर क...

खुशियों का अद्भुत संसार !

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  खुशियां कहां से आती हैं?..   बड़ा ही सुंदर और अद्भुत प्रश्न है कि यह खुशियों कहां से आती हैं? और इनका  स्त्रोत आखिर है कहां? यह खुशियां कहां से आकर हमारे मन में प्रकट होती है? चारों तरफ अद्भुत  रंगीनियों  भरा संसार है!  उसमें हमारा परिवार है, जहां हम रहते हैं, और हमेशा हर पल खुशियां बटोरने की कोशिश मैं लगे  रहते हैं। अब कुछ समझते हैं, कि खुशियां कहां से आती हैं? दोस्तों खुशियां वहां से आती हैं, जहां खुशियों का असीमित भंडार है! और वह भंडार है, हमारी आत्मा! मित्रों हमारी खुशियों के विभिन्न प्रकार हैं, जो कि हमारे भिन्न-भिन्न प्रकार के अंतःकरणों  के अनुसार होती हैं। मित्रों खुशी! किसी चीज से !अपने स्वास्थ्य से! धन से! परिवार से! देश से !धर्म से! अपने या किसी और के विचारों से, किसी से भी  मिल सकती है। लेकिन वह जब भी मिलेगी या जाएगी !  वह हमारे भीतर से या हमारे अंतः करण से ही आएगी! और  हमारा अंतःकरण  हमारी आत्मा से जुड़ा हुआ है। इसे एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं, कि जब एक मंदिर का निर्माण होता है, तो उसके मानने वाले हिंदुओं को उ...

मृत्यु का रहस्य !

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                 मृत्यु का रहस्य क्या है ?.. मौत बड़ा ही खौफनाक शब्द है! मित्रों! इस दुनिया में कोई भी मरना नहीं चाहता! लेकिन मृत्यु तो आकर ही रहती है! सभी को कभी न कभी तो मरना ही पड़ता है! कोई कर भी क्या सकता है? क्या इससे बचने का भी कोई उपाय है ?तो मेरा जवाब है, कि अवश्य है !और फिर विचार उत्पन्न होता है कि यदि इससे बचने का कोई उपाय है, तो वह क्या है ? वह है  सच्चे  आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा! मौत एक  बहुत ही गहन और रहस्यमई चीज है ! जिसे सभी जानना चाहते हैं ! मित्रों इसके और भी अनेक उत्तर हमारे विशाल आध्यात्मिक साहित्य में उपलब्ध हैं, मित्रों इस रहस्यमई अवस्था मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का उपाय है, आत्मज्ञान! अर्थात  अपने आपका, अपनी आत्मा का ज्ञान! अपनी आत्मा का वास्तविक ज्ञान प्राप्त करके हम, मृत्यु के भय से अवश्य ही मुक्त हो सकते हैं! आत्मज्ञान और इसके अभ्यास के द्वारा जब हम यह जान जाते हैं, कि हम  शरीर तो है ही नहीं ! हम तो सर्वव्यापक अजर-अमर अविनाशी, अमृत स्वरूप आत्मा है! हम शरीर नहीं है...

कमजोरी एक अभिशाप !

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  कमजोरी एक अभिशाप…            मित्रों कमजोरी, एक अभिशाप है! यह एक बहुत ही कड़वी सच्चाई और हकीकत है!  इस दुनिया में हम जहां भी रहते हैं, जिस देश में भी रहते हैं, कहीं पर भी रहते हों, एक चीज जो हर जगह, सबसे ज्यादा महत्व रखती है,  वह है शक्ति! मित्रों, शक्ति जहां भी होती है जिसके पास भी होती है उस जगह को या उस व्यक्ति को वह विशेष बना देती है! जो व्यक्ति किसी भी प्रकार से शक्तिशाली है! शारीरिक शक्ति के द्वारा! दिमाग की शक्ति के द्वारा! अध्यात्म की शक्ति के द्वारा! वही व्यक्ति इस दुनिया में सफल होता है! क्योंकि कमजोर व्यक्ति के द्वारा तो कोई भी कार्य हो ही नहीं सकता! और हमें भी इस गहरी सच्चाई को समझ कर, किसी भी प्रकार से शक्तिवान बनने का प्रयास करना चाहिए मित्रों! शक्ति के अनेक रूप होते हैं, जिनमें शक्ति का संचय, हम शारीरिक, मानसिक आध्यात्मिक, समाजिक किसी भी रूप में कर सकते हैं ।  हम व्यायाम योग और प्राणायाम करके अपने शरीर का अच्छी प्रकार से विकास करके, एक ताकतवर व्यक्ति बन सकते हैं। मानसिक रूप से अपना विकास करके हम एक अ...

अमरता का मार्ग…

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  अमरता का मार्ग… . क्या अमर होने का कोई रास्ता है ? तो मेरी समझ और ज्ञान के अनुसार तो इसका उत्तर है, कि बिल्कुल है! और अवश्य है! अमर होने का रास्ता, सच्चे ज्ञान की प्राप्ति है! यदि हमें सच्चा ज्ञान प्राप्त हो जाए! तो हमें अमर होने का मार्ग भी मिल ही जाएगा! अत्यंत प्राचीन काल से ही, मनुष्य अमर होने का रास्ता खोजता रहा है! सभी चाहते हैं, खासकर मनुष्य! कि वह अजर और अमर हो जाए! और हमें भी ऐसी  सच्ची खोज में लगना चाहिए, जो की बहुत ही सुंदर बात है! और मित्रों सुनिए वह रास्ता है! सत्य की खोज! कि वास्तव में सत्य क्या है? और असत्य क्या है? इस विचार पर गहन मनन और चिंतन करना!  हमें सत्य और असत्य के बारे में जानना है! गीता में भी लिखा है कि "असत् का तो का अस्तित्व ही नहीं है, और सत्य का अभाव नहीं है" यानी कि जो है सो है! और जो नहीं है, वह कभी नहीं हो सकता है! इसका सीधा सा अर्थ है कि जो जैसा है, हमेशा वैसा ही रहेगा! लेकिन उसका विकास और रूपांतरण अवश्य हो सकता है!  यदि हम अमर हैं! तो अवश्य हैं! और यदि नहीं हैं, तो किसी भी उपाय से हो ही नहीं सकते? मित्रों जब हम अपने चारों ओर दृष्टि...

जीवन में फूल और कांटे !

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                  हमारी पसंद फूल या कांटे…   फूल और कांटे तुम्हें क्या पसंद है! एक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड से पूछा? तो उसने उत्तर दिया, 'फूल तो सभी को पसंद हैं' परंतु मुझे दोनों ही पसंद है! वह कैसे? प्रेमिका ने फिर पूछा? वह ऐसे डियर सुनो, 'तुम एक बहुत ही खूबसूरत फूल हो' मेरे प्रति तुम्हारा स्वभाव अत्यंत प्रेम भरा है, लेकिन तुम्हारे स्वभाव में कुछ कांटे भी तो हो सकते हैं!  यनी तुम्हारी कुछ नाराजगियां भी हो सकती हैं! तुम्हारा कभी रूठना भी तो हो सकता है! इसलिए मुझे तुम्हें संपूर्ण रूप से पाने के लिए  तुम्हारे फूल और कांटे दोनों को ही स्वीकार करना होगा! और फिर किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए थोड़ी बहुत कठिनाइयां तो होती ही हैं, इसलिए फूल और कांटे अक्सर दोनों साथ ही रहते हैं या मिलते हैं, हमें दोनों को ही स्वीकार कर लेना चाहिए। मित्रों! वास्तव में यदि देखा जाए, तो फूल भी हमें तभी मिलते हैं, जब  हम कांटों के मार्ग या संघर्ष के मार्ग से चल कर इनके पास पहुंचते हैं। मित्रों फूल सुंदर होते हैं! बहुत ...